नारी शक्ति से कुरीतियों का अंत: शिक्षा और जागरूकता ही सबसे बड़ा अस्त्र
Education and awareness are the biggest weapons
लखनऊ। Education and awareness are the biggest weapons, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि महिलाओं में शिक्षा और जागरूकता बढ़ाना ही बाल विवाह व दहेज जैसी कुरीतियों को खत्म करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। नारी स्वयं प्रेरणा का स्वरूप है और जब वह अपनी क्षमता पहचान लेती है तो ‘नारायणी’ बन जाती है। उन्होंने बाल विवाह और दहेज जैसी कुरीतियों को खत्म करने के लिए महिलाओं में शिक्षा और जागरूकता को जरूरी बताया।
जन भवन में कर्नाटक और त्रिपुरा के 21 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल से संवाद के दौरान उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तीकरण, टीबी उन्मूलन और सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए चल रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान समेत कई विषयों पर चर्चा की।
‘केजी टू पीजी’ शिक्षा की अवधारणा पर जोर देते हुए कहा कि तीन वर्ष के सभी बच्चों का आंगनबाड़ी में और छह वर्ष के बच्चों का कक्षा एक में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन से उच्च शिक्षा में 50 प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
प्रदेश के विश्वविद्यालयों ने नैक, एनआइआरएफ, क्यूएस एशिया और क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग को लेकर भी उन्होंने चर्चा की। स्वास्थ्य क्षेत्र का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रदेश में बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए निश्शुल्क एचपीवी टीकाकरण अभियान चल रहा है और अब तक करीब 50 हजार बालिकाओं का टीकाकरण हो चुका है।
सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया के सहयोग से आकांक्षी जिलों में तीन लाख डोज उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही टीबी उन्मूलन के लिए चार लाख मरीजों को गोद लेने का अभियान चलाया गया है। विशेष कार्याधिकारी डा. पंकज एल जानी और डा. सुधीर महादेव बोबडे ने उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य और टीकाकरण से जुड़े कार्यों की जानकारी दी।